20+ Story In Hindi – रोमांचक और ज्ञानवर्दक कहानियाँ हिंदी में पढ़े 🛠🤩

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प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हू Story In Hindi |  ये कहानियाँ बहुत रोचक और मज़ेदार है | इन कहानियो से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Story In Hindi

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 राजा की बीमारी -Story In Hindi 👨‍🌾

एक आलसी राजा था। वह कोई भी शारीरिक क्रिया नहीं करता था। परिणामस्वरूप वह बीमार पड़ गया। उसने राजवैद्य को बुलाया और कहा मुझे शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ के लिए कुछ औषधियाँ दे दीजिए”
वैद्य जानता था कि राजा की बीमारी का कारण उसका आलसीपन है।

इसलिए वैद्य ने उसे दो वजनी डम्बल देते हुए कहा,”महाराज, यदि आप इन जादुई डम्बलों को प्रतिदिन एक-एक घंटा सुबह-शाम इस प्रकार घुमाएँगे तो जल्दी ही आपको स्वास्थ्य लाभ होगा।’ यह कहते हुए वैद्य ने उन्हें घुमाने की विधि बता दी।

राजा ने वैसा करना शुरू किया। राजा नहीं जानता था कि वैद्य ने इस प्रकार उसे एक व्यायाम बताया है |कुछ ही दिनों में उसका शरीर तंदुरुस्त हो गया। उसने वैद्य शुक्रिया अदा करते हुए उससे इलाज का रहस्य पूछा। वैद्य बोला”महाराज, ये कमाल तो इन जादुई डम्बलों का है।

आप जिस दिन इन डम्बलों को उठाना छोड़ देंगे, उसी दिन से पुनः बीमार पड़ जाएँगे। इस प्रकार
वैद्य ने राजा को नाराज किए बगैर स्वस्थ रहने का सही तरीका बता दिया था ।

हर चमकदार वस्तु सोना नहीं होती है। – Story In Hindi 🎒

एक दिन महेश अपने घर के बाहर एक छोटी-सी पहाड़ी पर बैठा हुआ था। अचानक उसे कुछ दूरी पर कोई चमकती हुई वस्तु दिखाई दी। उसने ध्यानपूर्वक देखा तो वह एक घर था। वह बोला,”अरे वाह! यह तो सोने का घर है।” महेश तेजी से उस घर को देखने के लिए भागा।

वह अत्यधिक तेजी से दौड़ रहा था, ताकि वह जल्दी-से-जल्दी उस घर तक पहुँच सके। जब वह वहाँ पहुँचा तो उसने पाया कि वह तो एक पुराना घर है। उस पर सूर्य की किरणें पड़ने के कारण वह स्वर्णिम लग रहा था। जब वह फिर पहाड़ी पर चढ़ा तो उसने देखा कि उसका घर भी उसी तरह चमक रहा था।

उसके घर की छत पर पड़े कुछ काँच के टुकड़े सूर्य की रोशनी पड़ने के कारण चमक रहे थे और सोने का सा आभास दे रहे थे। तब महेश हंसते हुए बोला, “अब समझ में आया कि प्रत्येक चमकने वाली
वस्तु सोना नहीं होती।”

पहलवान कछुआ – Story In Hindi 🦆

एक कछुआ कुश्ती सीखना चाहता था। कुश्ती सीखने के लिए वह खरगोश के पास गया और बोला,”प्रिय  मित्र! तुम कुश्ती के उस्ताद हो। तुम्हें कोई नहीं हरा सकता। मेरी इच्छा है कि मैं तुमसे कुश्ती सीखू ” खरगोश उसे कश्ती सिखाने के लिए तैयार हो गया। कुछ ही दिनों में कछुआ कुश्ती की
कला में निपुण हो गया।

एक दिन एक हिरन ने उसे छेड़ना शुरू किया तो कछुए ने अपना आपा खो  दिया। जल्दी ही उन दोनों में लड़ाई होने लगी। पहलवान कछुए ने हिरन को हरा दिया। हिरन को कुछ चोटें भी आई | इस घटना के बारे में सुनकर अन्य दूसरे जानवर कछुए से डरने लगे | अब कछुए को अपनी शक्ति का अत्यधिक घमंड हो गया।

उसने अब खुद ही निर्दोष जानवरों छेड़ना एवं परेशान करना शुरू कर दिया । वह भूल गया था कि खरगोश उसका शिक्षक है। खरगोश को जब इस बात की खबर लगी तो उसने उसका घमंड तोड़ने का निश्चय किया |

उसने कछुए से कुश्ती लड़ने का आग्रह किया और उसे हरा दिया। हारने से कछुए का घमंड चूर-चूर हो गया और वह सुधर गया।

दुनिया गोल है -Story In Hindi 🌍

एक दिन एक पडित नदी किनारे टहल रहा था। तभी असावधानीवश उसकी एक चप्पल नदी में गिर गई। उसने दूसरी चप्पल को भी अनुपयोगी मानकर नदी में फेंक दिया। वहाँ से कुछ आगे एक आदमी नदी में स्नान कर रहा था। उसने चप्पल को देखा तो उसे उठाकर नदी के किनारे फेंक दिया। दुर्भाग्यवश
वह चप्पल एक औरत के सिर पर रखे मटके पर जा लगी। मटका फूट गया। और पानी जमीन पर फैल गया।

अचानक एक बाज नीचे उतरा और उस चप्पल को लेकर उड गया। जब वह आकाश में उड़ रहा था, वह चप्पल उसकी चोंच से छूटकर एक आदमी के खाने की थाली में गिर पड़ी। गुस्से में उसने चप्पल उठाकर फेंकी तो वह एक गाय के सींग में अटक गई। जब दूध वाला गाय का दूध निकाल रहा था,
उसने उसके सींग पर वह चप्पल लटकी हुई देखी |

उसने चप्पल को उठाकर नजदीक के ही घर में फेंक दिया। यह घर उसी पंडित का था। चप्पल पंडित को ही आकर लगी। वह सोचने लगा, ‘मेरी चप्पल मेरे पास वापस आ गई | किसी ने सत्य ही कहा है कि दुनिया गोल है।

अन्य लेख

ईर्षालु गधा – Story In Hindi 🐎

एक सिपाही के पास एक गधा और एक घोड़ा था। घोड़े को वह युद्ध के मैदान में उपयोग करता था। जब युद्ध नहीं होता था, तब वह गधे से सामान ढोने का कार्य लिया करता था। इस तरह उसे कुछ पैसा भी मिल जाता था।

गधा घोड़े से ईष्र्या करता था। वह सोचता था कि घोड़े की जिंदगी उसकी तुलना में ज्यादा आसान है।उसे कोई परिश्रम भी नहीं करना पड़ता। एक दिन युद्ध की सूचना आई | यह खबर सुनकर गधा बड़ा खुश था। उसने सोचा, ‘यह तो बड़ी अच्छी खबर है! घोड़ा युद्ध के मैदान में जाएगा और मै यहाँ पर आजाद रहूंगा। इसलिए गधे ने घोड़े को छेड़ना शुरू कर दिया।

लेकिन फिर जल्दी ही यह खबर आ गईकि संधि पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। इस वजह से युद्ध
स्थगित हो गया है। यह जानकर सिपाही फिर से गधे को सामान ढोने के ले जाने लगा |इस प्रकार गधे की आशाओं पर पानी फिर गया।

🕺 नटखट गोलू – Story In Hindi

एक दिन शरारती गोलू अपनी गुलेल एवं पत्थर लेकर पेड़ पर बैठा हुआ था। तभी उसने एक पंडित को वहाँ से गुजरते हुए देखा। पंडित का गंजा सिर सूर्य की रोशनी में चमक रहा था। गोलू अपने को नहीं रोक पाया और उसने अपनी गुलेल से पत्थर मारकर पंडित के सिर को लहूलुहान कर दिया |

चोट लगने के कारण पंडित दर्द के मारे चिल्ला उठाआसपास दृष्टि दौड़ाने पर उसने गोलू को गुलेल थामे देखा तो उसे नीचे उतरने को कहा जब गोलू नहीं उतरा तो वह बोला, बेटा, तुम्हारा निशाना एकदम सही है | कल इसी रास्ते से महाराज होकर गुजरेंगे। तुम उनके सिर को अपना निशाना बनाना।

तब वे खुश होकर तुम्हें पुरस्कार देंगे। अगले दिन जब राजा वहाँ से गुजरे तो गोलू ने निशाना साधकर उनके सिर पर पत्थर दे मारा। राजा दर्द से कराह उठा। उसने अपने सिपाहियों से गोलू को पकड़ने के
लिए कहा |

राजा बोला,‘इस शरारती लड़के को सौ कोड़े मारे जाएँ।’ गोलू क्षमा माँगने लगा। लेकिन राजा ने उसे माफ नहीं किया और इस तरह उस पंडित ने उसे एक अच्छा सबक सिखा दिया

Story In Hindi -समझदार गधा  🦓

धोबी अपने गधे पर बैठकर गंदे कपड़े लादे हुए जा रहा था। उसे गधे पर बैठे देखकर रास्ते में कुछ लोगों ने उसे छेड़ते हुए कहा देखो एक गधा गधे की सवारी कर रहा है। यह कहकर वे उसके ऊपर हंसने लगे। धोबी जवाब देते हुए बोला, “मैं बेवकूफ नहीं हूं और मेरा गधा राजा के मंत्रियों की तुलना में कहीं अधिक समझदार है।”

जल्दी ही यह बात राजा के कानों तक भी जा पहुँची। राजा ने धोबी को बुलाया। धोबी राजदरबार में उपस्थित हुआ तो राजा ने उससे पूछा,‘तुम यह कैसे कह सकते हो कि तुम्हारा गधा मेरे मंत्रियों की तुलना में अधिक समझदार है?”

धोबी बोला,‘‘महाराज, एक दिन मैं अपने गधे के साथ पुल पार कर रहा था कि तभी मेरे गधे का पैर पुल पर लगी लकड़ी की सिल्लियों के बीचोंबीच फस गया। उस दिन से वह पुल का हमशा सावधानीपूर्वक पार करता है।

लेकिन आपके मंत्री, जिन्हें निर्माण कार्यों के लिए राजकोष से भरपूर पैसा मिलता है, पुल की मरम्मत
करवाने में असमर्थ हैं।” राजा समझ गया कि उसके मंत्री उसे धोखा दे रहे हैं। इसलिए उसने उन सबको कड़ी फटकार लगाई और धोबी को पुरस्कार देकर विदा किया |

ईर्ष्या – Story In Hindi

एक दिन एक आदमी जंगल से गुजर रहा था। अचानक उसके पैर में एक बड़े-से पत्थर से ठोकर लगी।उसने पत्थर को उस रास्ते से पेड़ उठाकर एक के नीचे रख दिया। कुछ समय बाद एक चित्रकार उस पेड़ की छाया में चित्र बनाने बैठा तो चित्र बनाते हुए लाल रंग की कुछ बूंदें उस पत्थर के ऊपर भी गिर गई और वह रोली की तरह लगने लगा।

थोड़े समय बाद एक फूल बेचने वाला माला गूंथने के लिए पेड़ के नीचे बैठा और जब वह गया तो कुछ फूल पत्थर के आसपास गिर गए। अब तो वहाँ से होकर जो भी लोग गुजरते, वे उस पत्थर
को भगवान की मूर्ति मानकर उसकी पूजा करने लगे |

यह देखकर पेड़ को ईष्र्या हुई उसने सोचा, ‘पहले लोग मेरी छाँव में बैठने के लिए आते थे। लेकिन अब सब सिर्फ इस पत्थर की पूजा करने आते हैं।’ इसलिए पेड़ ने पत्थर को जोर सेलात मारी। जब लोग पत्थर की पूजा करने आए तो उन्होंने देखा कि पत्थर कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है।

उनमें से एक व्यक्ति ने बोला, ‘ भगवान इस स्थान को छोड़कर चले गए हैं। इसका मतलब यह जगह अपवित्र है और यहाँ पर बुरी आत्माओं का वास है। अत: हमें इस पेड़ को काट देना चाहिए।”
इस तरह अपनी ईष्र्या के कारण पेड़ को सजा भुगतनी पड़ी।

 Story In Hindi- निडर मोनू 🚶

एक दिन मोनू जंगल से होकर गुजर रहा था। अचानक डाकुओं के एक  गिरोह ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। वे सभी अपने हाथों में चाकू लिए हुए खड़े थे। उनका सरदार चिल्लाते हुए मोनू से बोला,‘‘तुम्हारे पास जो कुछ भी है, चुपचाप निकालकर हमें दे दो।”

लेकिन मोनू निडर होकर बोला, ‘‘मैं तुम्हें एक भी पैसा नहीं ढूंगा। तुमसे जो बन पड़े, कर लो। ’’
सरदार ने मोनू की तरफ चाकू बढ़ाते हुए कहा, ‘हमारा कहा मान लो, वरना हम तुम्हें मार डालेंगे।’’
लेकिन मोनू जरा भी नहीं डरा। मोनू ने बहादुरी से डाकुओं का मुकाबला करना चाहा, परन्तु कहाँ वह अकेला और कहाँ वे कई सारे।

डाकू उसे पकड़कर उसके कपड़ों की तलाशी लेने लगे | तलाशी लेने पर उन्हें उसकी जेब में सिर्फ एक रुपया ही मिला। यह देखकर उनका सरदार बोला,‘‘यह युवक सिर्फ एक रुपए के लिए हमसे भिड़ पड़ा। मैं आश्चर्यचकित हूँ कि यह अधिक धन के बचाव के लिए क्या करता।

मैं इसके साहस का सम्मान करता हूं। इस तरह के निडर लोग बहुत कम होते हैं।” यह कहकर सरदार ने मोनू को छोड़ दिया।

तीन प्रश्न – Story In Hindi 📌

राजा मानसिंह अक्सर अपने दरबार में पहेलियाँ पूछा करते थे। जो कोई भी उनके प्रश्न का जवाब नहीं दे पाता था, वह उसे सजा देते थे। एक दिन एक आदमी राजदरबार में आया और मानसिंह को चुनौती देते हुए बोला, “यदि आपने मेरे तीन प्रश्नों के सही उत्तर नहीं दिए तो आपको मुझे अपना सिंहासन
देना होगा।”

राजा मानसिंह ने उसकी बात मान ली। उस व्यक्ति ने तीन प्रश्न पूछे,‘‘हवा से भी अधिक तेज कौन है? परेशानी के समय सहायता कौन करता है? विश्व की सबसे मीठी वस्तु कौन-सी है?” राजा ने बहुत सोचा। लेकिन वह उसके प्रश्नों के उत्तर नहीं दे पाए | अब राजा को सिंहासन खोने का डर लगने लगा।

उस व्यक्ति ने कहा, ‘‘यदि आप मुझसे ये वादा करें कि अब आप कभी लोगों से प्रश्न पूछकर उन्हें सजा नहीं देंगे तो मैं सिंहासन पर दावा छोड़ दूँगा ।” राजा ने उससे वादा किया और तीनों प्रश्नों के उत्तर जानने चाहे।

वहव्यक्ति बोला, ‘हवा से भी अधिक तेज मन की इच्छाएँ हैं। परेशानी के समय किसी का सहारा मदद करता है और मिठाई से भी मीठी वाणी है।” यह कहकर वह व्यक्ति वहाँ से चला गया।

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