Panchtantra Ki Kahani In Hindi – पंचतंत्र की अनमोल कहानियाँ 💐🤣

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हू Panchtantra Ki Kahani In Hindi |  ये कहानियाँ बहुत रोचक और मज़ेदार है | इन कहानियो से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Panchtantra Ki Kahani In Hindi

Panchtantra Ki Kahani In Hindi

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – चतुर अर्जुन

एक दिन अर्जुन और उसका छोटा भाई करण दोनों घर में अकेले थे। उनके पिताजी एक पुलिस अधिकारी थे। वे एक लाल रंग की फाइल घर लाए थे। उसमें सभी कुख्यात आतंकवादियों के बारे में जानकारी थी।

अर्जुन जानता था कि पापा ने वह फाइल एक अलमारी में सुरक्षित रखी हुई है। अर्जुन और करण खेल रहे थे कि तभी दो आतंकवादी उनके घर में घुस आए। और बोले,’लाल फाइल कहाँ है?”
अर्जुन बड़ा चालाक था। वह बोला,”शयनकक्ष की अलमारी में ऊपर रखी गई है। मैं वहाँ तक नहीं पहुँच सकता |

दोनों आतंकवादी लाल फाइल को हासिल करने के लिए उस कमरे में गए। जब वे अलमारी में फाइल ढूंढ रहे थे, तब अर्जुन ने धीरे-से उस कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और पिताजी को भी फोन कर दिया जल्दी ही उसके पिताजी पुलिस लेकर वहाँ पहुँच गए।

दोनों आतंकवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार अर्जुन ने अपनी चतुराई से दोनों
आतंकवादियों को पकड़वा दिया। सभी ने उनकी खूब सराहना की।

Panchtantra Ki Kahani In Hindi  – भेड़िए की योजना

एक बार पूरे देश में सूखा पड़ गया। बारिश के अभाव में सभी नदी-नाले सूख गए। कहीं पर भी अन्न का एक दाना नहीं उपजा। बहुत से जानवर भूख और प्यास से मर गएपास ही के जंगल में एक भेड़िया रहता था।

उस दिन वह अत्यधिक भूखा था। भोजन न मिलने की वजह से वह बहुत दुबला हो गया था। एक दिन उसने जंगल के पास स्थित चरागाह में भेड़ों का झुंड देखा। चरवाहा उस समय वहाँ पर नहीं था। वह अपनी भेड़ों के लिए पीने के पानी की बाल्टियाँ भी छोडकर गया था।

भेड़ों को देखकर भेड़िया खुश हो गया और सोचने लगा, ‘मैं इन सब भेड़ों को मारकर खा जाऊगा और सारा पानी भी पी जाऊँगा। फिर वह उनसे बोला, ‘‘दोस्तो, मैं अत्यधिक बीमार हैं और चलनेफिरने में असमर्थ हूँ। क्या तुम में से कोई मुझे पीने के लिए थोड़ा पानी दे सकता है।”

उसे देखकर भेड़ें सतर्क हो गईतब उनमें से एक भेड़ बोली,‘‘क्या तुम हमें बेवकूफ समझते हो? हम तुम्हारे पास तुम्हारा भोजन बनने के लिए हरगिज नहीं आएँगे। ’’ इतना कहकर भेड़ें वहाँ से भाग गई।

इस प्रकार भेडों की सतर्कता के कारण भेड़िए की योजना असफल हो गई और बेचारा भेड़िया बस हाथ
मलता ही रह गया।

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Panchtantra Ki Kahani In Hindi – बेवकूफ भेड़िया

एक दिन एक छोटा मेमना जंगल के किनारे स्थित चरागाह में चर रहा था। अचानक एक भेड़िए की निगाह उस पर पड़ी। वह उसे देखकर सोचने लगा, वाह! आज तो ठीक भोजन के समय ही मुझे मेरा शिकार मिल गया।

मैं इसे किसी भी तरह खाकर अपनी भूख मिटाऊंगा। यह सोचकर भेड़िया तेजी से दौड़ा और उसने मेमने को पकड़ लिया। वह उसे खाने ही वाला था कि तभी मेमना बोला, मुझे खाने से पहले मेरी अंतिम इच्छा पूरी करने की कृपा करो|

भेड़िया उसकी बात मान गया और बोला, “तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है? वह बोला, ‘मैं चाहता हूं कि तुम बाँसुरी बजाओ और मैं उसकी नृत्य धुन पर नृत्य करते-करते जब मैं थक जाऊँगा, तब तुम मुझे खा लेना। ”

भेड़िया मान गया और उसने बाँसुरी बजानी शुरू की। तब मेमने ने उसकी धुन पर नृत्य करना प्रारंभ किया। बाँसुरी की आवाज सुनकर कुछ भेड़ें वहाँ पर आ गई। भेड़िए के समीप छोटे से मेमने को देखते ही उन्होंने भेड़िए के ऊपर धावा बोल दिया।

भेडिया किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। उसने सोचा, ‘मैं भी कितना बेवकूफ हैं। क्यों मैंने अपने आप को संगीतज्ञ समझ लियालिए ? यह मेरे ही परेशानी का कारण बना।

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – मेहनत की कमाई 🚐

सोनू एक आलसी लड़का था। वह अपना समय यूं ही आवारागर्दी करने में व्यतीत करता था। इस कारण वह हमेशा कार्य करने से जी चुराता था। एक दिन उसे पैसों से भरा एक थैला मिला। वह अपने भाग्य पर बहुत खुश हुआ।

वह यह सोच-सोचकर खुश हो रहा था कि उसे बिना प्रयास के ही इतने सारे पैसे मिल गए। सोनू ने कुछ पैसों से मिठाई खरीदी कुछ पैसों से कपड़े व अन्य सामान खरीदा। इस प्रकार उसने पैसों को व्यर्थ खर्च करना प्रारंभ कर दिया।

तब उसकी माँ बोली,‘‘बेटा पैसा यूं बर्बाद न करो इस पैसे का उपयोग किसी व्यवसाय को शुरू करने में करो| सोनू बोला, “माँ मेरे पास बहुत पैसा है। इसलिए मुझे कार्य करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है|

धीरे-धीरे सोनू ने सारा पैसा खर्च कर दिया। अब उसके पास एक फूटी कौड़ी भी नहीं थी। इस तरह वह एक बार फिर अपनी उसी स्थिति में आ गया। सोनू को एहसास हुआ कि यदि उसने वह धन परिश्रम से कमाया हुआ होता तो उसने अवश्य उसकी कद्र और समझी होती।

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – दिवास्वप्न

एक प्रसिद्ध ज्योतिषी था। वह हमेशा सूर्य-चन्द्रमा, ग्रह-नक्षत्रों की दशा देखकर लोगों का भविष्य बताने में व्यस्त रहता था। कभीकभी तो वह चलते हुए भी आकाश को देखने में इतना व्यस्त रहता कि उसे होश ही नहीं रहता था कि उसके कदम कहाँ पड़ रहे हैं।

एक दिन वह अन्य दिनों की तरह आकाश को देखता हुआ चला जा रहा था। उसे रास्ते में पड़ा एक बड़ा पत्र नहीं दिखा। उसे जोर की ठोकर लगी और वह कंटीली झाड़ियों में जा गिरा। कुछ राहगीरों ने उठने में उसकी सहायता की। उन्होंने ज्योतिषी से पूछा, इन कंटीली झाड़ियों में कैसे गिर गए?”

तब ज्योतिषी ने उन्हें पूरा घटनाक्रम सुना दिया। उनमें से एक राहगीर बोला, ‘तुम भविष्यवाणी करते हो,
किंतु तुम्हारी आंखों के सामने क्या है, ये तुम्हें दिखाई नहीं देता, ये बड़े
आश्चर्य की बात है।

तुम्हें सपनों की दुनिया से बाहर निकलकर सामाजिक दुनिया में जीना चाहिए।” यह सुनकर ज्योतिषी को बड़ी शर्म महसूस हुई उसने ये सबक पूरी जिदंगी याद रखा।

 

Panchtantra Ki Kahani In Hindi-सबक👏

एक समय की बात है। एक आश्रम में रवि नाम का एक शिष्य रहता था। वह बहुत अधिक नटखट था।वह प्रत्येक रात आश्रम की दीवार फांदकर यहाँ वहाँ घूमता और सुबह होने से पहले लौट आता वह सोचता था कि उसके आश्रम से बाहर जाने की बात कोई नहीं जानता।

लेकिन उसके गुरुजी यह बात जानते थे। वे रवि को रंगे हाथ पकड़ना चाहते थे। एक रात हमेशा की तरह रवि सीढ़ी पर चढ़ा और दीवार फांदकर बाहर कूद गया। उसके जाते ही गुरुजी जाग गए तब उन्हें दीवार पर सीढ़ी लगी दिखाई दी।

कुछ घंटे बाद रवि लौट आया और अंधेरे में दीवार पर चढ़ने की कोशिश करने लगा। उस वक्त उसके गुरुजी सीढ़ी के पास ही खड़े थे। उन्होंने रवि की नीचे उतरने में मदद की और बोले, ‘बेटा, रात में जब तुम बाहर जाते हो तो तुम्हें अपने साथ एक गर्म शाल अवश्य रखनी चाहिए |

गुरुजी के प्रेमपूर्ण वचनों का रवि पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी साथ ही ऐसी गलती दोबारा न करने का वचन भी दिया।

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – चालाक चिड़ियाँ🤣

एक व्यक्ति ने अपनी पालतु चिड़ियों के लिए एक बड़ा-सा पिंजड़ा बनाया। चिड़ियाएँ उस पिंजड़े के अंदर आराम से रह थी। वह व्यक्ति उन चिड़ियों को ताजा पानी और दाना देता। एक उस दिन व्यक्ति की अनुपस्थिति में एक चालाक बिल्ली डॉक्टर का वेश धारण कर वहाँ पहुँची और बोली,” मेरे प्यारे दोस्तो पिंजरे का दरवाजा खोलो।

मैं एक डॉक्टर हैं और तुम सब के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए यहाँ आई हूँ। समझदार चिड़ियाएँ बिल्ली की चाल को तुरंत समझ गई। वे ! उससे बोलीं, “तुम हमारी दुश्मन बिल्ली हो। हम तुम्हारे लिए दरवाजा हरगिज नहीं खोलेंगे।

यहाँ से चली जाओ। तब बिल्ली बोली, ”नहीं, नहीं। मैं तो एक डॉक्टर हूँ। तुम मुझे गलत समझ रहे हो। मैं तुम्हें कोई व हानि नहीं पहुँचाऊंगी कृपया दरवाजा खोल दिया दो। लेकिन चिड़ियाँ उसकी बातों में नहीं हैं।

उन्होंने उससे स्पष्ट रूप से मना कर दिया। आखिरकार मायूस होकर बिल्ली वहाँ से चली गई

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – जिंदगी का आनंद 🐯

एक दिन रोहित मोहित से मिला। उसने मोहित से पूछा, “मोहित, जिंदगी कैसी चल रही है? तुम तो बड़े खुश नजर आ रहे हो। मोहित बोला,‘‘हाँ, अभी कुछ समय पहले मेरी शादी हो गई |


रोहित बोला,’वाह! ये तो बड़ी अच्छी खबर है। मुबारक हो। मोहित बोला, “धन्यवाद। वैसे मुझे मुबारकबाद आवश्यकता की नहीं है। क्योंकि मुझे एक काली एवं भद्दी पत्नी मिली जो कि मुझे पसंद नहीं
आई।

रोहित ने दुखी स्वर में कहा ,”अरे यार, मुझे पता नहीं था | मुझे किसी बात का दुख नहीं है, क्योंकि मुझे दहेज में एक बड़ा बंगला भी तो मिला |

रोहित बोला,‘मोहित तुम बड़े किस्मत वाले हो नहीं यार, ऐसा भी नहीं है। दरअसल हुआ यह कि उस
बंगले में आग लग गई और बंगला जलकर राख हो गया।

रोहित ने दुखी स्वर में कहा,'”अरे! ये तो वास्तव में बड़ी बुरी खबर है। मोहित बोला,”नहीं, मैं बंगले के जलने पर खुश हूं, क्योंकि उसमें मेरी बीवी भी थी। वह भी आग में जलकर मर गई |

रोहित ने दोनों हाथों से अपना सिर थाम लिया और सोचने लगा, ‘मोहित, तुम कभी भी जिंदगी का
आनंद लेने से नहीं चूकोगे।

 

Panchtantra Ki Kahani In Hindi – दुष्ट जीव 😂

एक किसान था। वह बहुत दयालु था। वह हर प्रकार से दूसरों की सहायता करता था। वह पशु-पक्षियों की भी बहुत देखभाल करता था । एक दिन शहर से लौटते समय किसान ने सड़क पर एक घायल साँप पड़ा देखा। साँप को देखकर प्रतीत हो रहा था कि शायद सड़क पार करते समयकिसी वाहन ने उसे कुचल दिया था।

खुशकिस्मती से साँप जिंदा था, लेकिन वह खून रिसाव से बेहोश था उसके घाव अब भी था। उस घायल साँप की जान बचाने के लिए दयालु किसान ने उसे तुरंत एक साफ कपड़े में लपेटा और अपने घर ले आया |


घर पर उसने साँप के घावों पर दवाई लगाकर मरहम-पट्टी की। धीरे-धीरे साँप होश में आने लगा। किसान ने उसे पीने के लिए दूध दिया। लेकिन साँप ने किसान को काट लिया। फलस्वरूप किसान की उसी वक्त मृत्यु हो गई।

किसी ने ठीक ही कहा है कि दुष्ट जीव कभी अपनी प्रवृत्ति नहीं बदल सकते |

 

Panchtantra Ki Kahani In Hindi –एक मौका🌟

एक ठग था। जो बड़ी चालाकी से लोगों को ठगता था। उससे परेशान होकर लोग अन्तत: सहायता के लिए राजा के पास गए | राजा ने अपने आदमियों को ठग को पकड़ने का आदेश दिया। वे जल्दी ही
ठग को पकड़कर राजदरबार में ले आए |

लेकिन उस चालाक ठग ने रोने का ढोंग करते हुए राजा से निवेदन किया कि वह अब कभी किसी को नहीं ठगेगा |राजा ने उस पर विश्वास करते हुए उसे माफ कर दिया। ठग वहाँ से चला गया, लेकिन उसन अपनी आदत नहीं छोड़ी।

उसी दिन शाम को शहर के बाहर उसे एक धनी व्यापारी दिखाई दिया। ठग ने बड़ी चालाकी से
व्यापारी को बेहोश कर उसका सारा धन लूट लिया। जब वह व्यापारी का धन लेकर वहाँ से भाग रहा था तो फिसलकर गिर पड़ा।

उसका सिर एक पत्थर से जा टकराया और वह बेहोश हो गया। गश्त पर निकले राजा के सिपाही ने उसे पकड़कर राजा के पास ले गए | ठग ने राजा से एक बार फिर माफ कर देने का निवेदन किया। लेकिन इस बार राजा ने कहा‘मैंने तुम्हें बदलने का एक मौका दिया था, परन्तु तुमने उसे गंवा दिया।

अवसर सिर्फ एक बार ही दरवाजे पर दस्तक देता है।

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