Hindi Short Story – हिंदी की रोचक और मनोरंजक कहानियाँ 🖼🎀

Hindi Short Story

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हू Hindi Short Story |  ये कहानियाँ बहुत रोचक और मज़ेदार है | इन कहानियो से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Hindi Short Story

Hindi Short Story

Hindi Short Story – मेंढकों की लड़ाई 🐢

एक कुएँ में बहुत सारे मेंढक रहते थे। एक बार दो मेंढकों में लड़ाई होने लगी। शेष मेंढक दोनों में से किसी-न-किसी का पक्ष लेने लगे | इस प्रकार मेंढकों के दो समूह बन गए। उनकी लड़ाई बढ़ती चली गई। एक दिन मेंढकों का एक समूह एक साँप के पास सहायता के लिए गया।

उनका मुखिया साँप से बोला, ‘हम एक कुएँ में रहते हैं। वहाँ पर रहने वाले कुछ मेंढक हमारे दुश्मन हैं। हम तुमसे विनती करने आए हैं कि तुम चलकर हमारे कुएँ में रहो और उन्हें मारकर खा जाओ। इस प्रकार तुम्हें आसानी से भोजन प्राप्त हो जाएगा और हमें भी अपने दुश्मनों से छुटकारा मिल जाएगा।

यह जानकर साँप उनके साथ कुएँ में रहने के लिए खुशी-खुशी चल दिया। है अब उसने दुश्मन मेंढकों को खाना शुरू कर दिया। जल्दी ही वह सारे साँप दुश्मन मेंढकों को खा गया। तब दूसरे समूह के सरदार ने साँप से कुआं छोड़कर जाने को कहा।

लेकिन साँप ने उसकी बात मानने से इंकार कर दिया। अब वह मुफ्त के भोजन का आदी जो हो चुका था।इसलिए वह कुएँ में ही रहा और धीरे-धीरे सारे मेंढकों को मारकर खा गया।

इस प्रकार, व्यर्थ की लड़ाई में सभी मेंढक अपनी जान गवा बैठे।

Hindi Short Story – सोच 🤓

एक दिन एक बुजुर्ग व्यक्ति एक समारोह में शामिल होने रहा जा था। ठीक उसी समय एक युवक अपनी मंगेतर से मिलने जा रहा था। रास्ते में उनमें बातचीत होने लगी और थोड़ी ही देर में वे काफी घुलमिल गए
वह युवक बोला, ‘हे महानुभाव! मेरी इच्छा है कि आप मेरे साथ मेरी मंगेतर से मिलने चलें |

लेकिन उस बुजुर्ग व्यक्ति ने मना करते हुए कहा‘”नहीं धन्यवाद। मैं एक धार्मिक समारोह में जा रहा हूं। इसलिए मैं चाह रहा था कि तुम मेरे साथ चलो’ युवक ने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया। फिर वे दोनों
अपने-अपने रास्ते चले गए।

जब बुजुर्ग व्यक्ति धार्मिक समारोह में पहुँचा तो वह उस खूबसूरत लड़के के बारे में सोचने लगा जिससे मिलने का मौका उसे मिला था। वहीं वह युवक उस धार्मिक समारोह के विषय में सोचने लगा, जहाँ जाने का उसे अवसर मिला था। इस प्रकार दोनों जो उन्हें नहीं मिला, उसके बारे में सोच रहे थे।

व्यक्ति का स्वभाव ही कुछ ऐसा होता है कि जो चीज उसके पास होती है, उसके बारे में न सोचकर वह दूसरों को उपलब्ध चीजों के विषय में सोचता रहता है।

लकड़हारा और बाज – Hindi Short Story 🐦

एक दिन एक लकड़हारा जंगल से गुजर रहा था। एक स्थान पर उसने देखा कि एक बाज किसी बहेलिए द्वारा बिछाए गए जाल में फंस गया है। लकड़हारे को बाज पर दया आ गई। उसने दौड़कर बाज को जाल से आजाद कर दिया। बाज ने लकड़हारे का शुक्रिया अदा किया और वहाँ से उड़ गया।

एक दिन लकड़हारा एक टीले पर बैठकर खाना खा रहा था। अचानक कहीं से वही बाज आया और झपट्टा मारकर उसका खाना लेकर उड गया। फिर वह पास के पेड़ पर बैठ गया। अपना खाना बचाने के चक्कर में लकड़हारे का संतुलन बिगड़ गया था। वह टीले से गिर पड़ा।

लकड़हारे ने बाज को गौर से देखा और उसे तुरंत पहचान गया। उसे उस एहसान फरामोश बाज के ऊपर बहुत गुस्सा आया | लेकिन बाज बोला,‘‘ श्रीमान्, आपके पीछे एक जहरीला साँप आपको डसने
के लिए बैठा था। मैंने आपके खाने पर झपट्टा मारकर आपको उस स्थान से हटा दिया, ताकि वह साँप आपको न डस सके।

लकड़हारे ने पीछे मुड़कर साँप को देखा तो उसे बाज की बात का विश्वास हुआ। उसने बाज को अपनी जिंदगी बचाने के लिए धन्यवाद दिया

Hindi Short Story – कच्चा भोजन हैं 🍔

एक दिन एक खरगोश जंगल में कुलांचे भर-भरकर दौड़ रहा था। अचानक उसने देखा कि एक लोमड़ी उसकी तरफ आ रही है। यह देख खरगोश घबराकर तेजी से भागने लगा। लोमड़ी को लगा कि वह खरगोश को पकड़ पाने में असमर्थ रहेगी।

इसलिए उसने एक योजना बनाई। वह बोली, ‘मेरे प्यारे दोस्त, तुम्हें मुझसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। मैं तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचाऊंगी। मैं तो सिर्फ तुम्हारी दोस्त बनना चाहती हूं।

खरगोश लोमड़ी के शब्दजाल में फंस गया। वे दोनों दोस्त बन गए फिर एक दिन लोमड़ी ने खरगोश को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया।  खरगोश खुशी-खुशी लोमड़ी के घर गया। लोमड़ी ने उसे पीने के लिए  एक कटोरा मूली का जूसदिया। मूली का जूस पीने के बाद खरगोश बोला ‘‘दोस्त, तुमने भोजन
क्या बनाया है ?

लोमड़ी  से मुस्कराते हुए बोली – आज मेरे पास कच्चा भोजन है। उसे खाकर अपनी भूख मिटाऊंगी।
इतना कहकर लोमड़ी खरगोश पर झपटी और उसे मारकर खा गई |

अन्य लेख

घमंडी सन्यासी – Hindi Short Story 🙇‍♀️

किसी जंगल में एक संन्यासी रहता था वह भगवान का बहुत बड़ा भक्त था। उसने कई वर्षों तक तपस्या की। फलस्वरूप भगवान उसकी तपस्या से प्रसन्न हो गए |उन्होंने उसे कुछ शक्तियाँ प्रदान कीं।

शक्तियाँ पाने के बाद संन्यासी को अपने ऊपर घमंड हो गया। एक दिन वह किसी कार्य से पास के गाँव में जा रहा था। रास्ते में एक नदी पड़ती थी। नदी किनारे पहुंचकर उसने चारों ओर देखा तो वहाँ उसे एक नाव और नाविक दिखाई दिया।

वह नदी पार करने के लिए नाव किराए पर ले ही रहा था कि तभी उसे नदी के दूसरे किनारे पर तपस्या करते हुए एक साधु दिखाई दिया। अब संन्यासी अपनी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता था। उसने अपनी शक्ति का प्रयोग पानी के ऊपर चलने में कियावह नदी पार कर साधु के पास गया । और बोला, देखो मैं बहुत अधिक शक्तिशाली हूँ।

मैं पानी के ऊपर चल सकता हूँ। क्या तुम ऐसा कर सकते हो?” साधु बोला, ‘‘हाँ, कर सकता हूं। लेकिन तुमने इस कार्य के लिए अपनी शक्ति यूं ही व्यर्थ की। नदी तो तुम नाव में बैठकर भी पार कर सकते थे।

सिर्फ प्रदर्शन के लिए शक्ति खर्च करने की क्या आवश्यकता थी?  साधु की बात सुनकर संन्यासी ने लज्जा से सिर झुका लिया।

सुरक्षा की भावना – Hindi Short Story 🕺

एक बार एक गड़रिया अपनी भेड़ को खुला छोड़कर किसी काम से घर से बाहर गया चला । भेड़ अपनी आजादी का मजा ले रही थी। वह घर में यहाँ-वहाँ आजादी से घूमने लगी। पहले उसने रसोई में जाकर रोटी खाई।

उसके बाद वह शयनकक्ष में गई और वहाँ पर लगे नर्म बिस्तर पर आराम करने लगी। फिर सीढ़ियाँ चढ़कर घर की छत पर पहुँच गई वहाँ पर बह रही ठंडी हवा का आनंद लेते हुए वह बहुत अच्छा महसूस कर रही थी।

अचानक उसने देखा कि घर के प्रवेश द्वार के बाहर खड़ा एक भेड़िया उसी की ओर घूर रहा है। प्रवेश द्वार बंद होने के कारण वह घर में प्रवेश नहीं कर पा रहा था।

भेड़ उसे देखकर पहले तो डर गई लेकिन जब उसे याद आया कि प्रवेश द्वार तो अंदर से बंद है, उसका डर फूर हो गया और वह भेड़िए के ऊपर हँसने लगी।

भेड़ को हँसते देखकर भेड़िया बोला,‘प्रिय भेड़आज तुम मुझ पर हंस रही हो, क्योंकि तुम एक ऊंचे स्थान पर सुरक्षित बैठी हो। यह तुम्हारा साहस नहीं बल्कि तुम्हारी सुरक्षा की भावना है, जिसके कारण तुम निडर होकर हँस रही हो।

यह कहकर वह वहाँ से चला गया।

Hindi Short Story – बुद्धिमान किसान 👳

एक बार एक व्यापारी व्यापार करने के लिए एक गाँव में पहुँचा | गाँव में उसे एक किसान मिला |व्यापारी ने उससे सराय का रास्ता पूछा। किसान उसे सराय का रास्ता बता अपने रास्ते चला गया। व्यापारी ने सराय में एक कमरा लिया।

फिर अपने घोड़े को सराय के अस्तबल में बाँध कर वह सोने के लिए अपने कमरे में चला गया।
अगली सुबह सराय के मालिक ने दावा किया‘यह घोड़ा मेरा है। इस घोड़े को मेरे अस्तबल ने जन्म दिया है।

व्यापारी यह झूठ सुनकर हैरान था। दोनों में इस बात को लेकर भयंकर वादविवाद होने लगा। थक-हारकर दोनों न्याय पाने के लिए कचहरी पहुँच गए। व्यापारी ने अपनी ओर से किसान को अपना गवाह बनाया।

किसान कचहरी में देर से पहुंचा और न्यायाधीश से बोला, ‘श्रीमान्! मैं देर से आने के लिए क्षमा चाहता हूं। मुझे आने में देर इसलिए हुई क्योंकि मैं अपने खेतों में उबले हुए गेहूं बो रहा था।’ न्यायाधीश ने कहा, ‘परन्तु उबले हुए गेहूँ तो उग ही नहीं सकते|

वह बोला, “जब अस्तबल घोड़े को जन्म दे सकता है तो कुछ भी संभव है।” न्यायाधीश किसान की बात का मतलब समझ गए उन्होंने सराय के मालिक को धोखाधड़ी के अपराध में सजा सुनाई।

लगड़ा कुत्ता – Hindi Short Story 🐶

एक व्यक्ति ने एक शक्तिशाली और वफादार कुत्ता पाल रखा था। वह अपने मालिक के घर की सावधानीपूर्वक रखवाली करता था। उसका मालिक उससे बहुत प्यार करता था और उसकी अच्छी तरह से देखभाल करता था।

एक दिन कुत्ता दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्भाग्यवश दुर्घटना में उसका पीछे का एक पैर बुरी तरह घायल हो गया। उसका घाव ठीक नहीं हुआ। अब बेचारा कुत्ता एक पैर से लंगड़ाकर चलता। उसका मालिक भी अब उससे प्यार नहीं करता था, क्योंकि उसे लगता था कि एक लंगड़ा कुत्ता कभी भी अच्छा चौकीदार नहीं हो सकता।

एक दिन कुत्ते के मालिक ने देखा कि कुत्ता बगीचे में एक नींबू के पौधे के आसपास ढूंघ रहा है। मालिक ने नींबू के पौधे के पास से मिट्टी लेकर उसका निरीक्षण किया तो पाया कि वह मिट्टी नींबू के पौधों के लिए बहुत उपजाऊ है।

इसलिए उसने वहाँ पर खूब सारे नींबू के पौधे लगाए, जिससे उसे  बहुत अधिक लाभ हुआ। अब मालिक अपने कुत्ते को एक बार फिर प्यार करने लगा। समझ आ गया था कि शारीरिक रूप से अपंगउसकी में
कुत्ता भी उपयोगी हो सकता है।

 Hindi Short Story- व्यर्थ बैठने से मेहनत भली 🐒

एक निर्धन व्यक्ति के पास एक बंदर था जिसके खेल दिखाकर वह अपनी आजीविका चलाता था। बंदर विभिन्न प्रकार की कलाएँ दिखाता और लोग खुश होकर पैसे फेंकते | उसका मालिक उन पैसों से अपनी जीविका चलाता।

एक दिन उसका मालिक उसे चिड़ियाघर लेकर गया। वहाँ उसके बंदर ने पिंजड़े में कैद बंदर को देखा बच्चे उसे खाने के लिए केले दे रहे थे। पिंजड़े के बंदर को देखकर वह बंदर सोचने लगा, ‘ये कितना खुशकिस्मत है! बिना किसी मेहनत के इसे आसानी से भोजन प्राप्त हो जाता है जबकि मुझे दिन
भर मेहनत करनी पडती है।

यह सोचकर वह बंदर उसी रात चिड़ियाघर के पिंजड़े में रहने के लिए चला गया। उसने वहाँ पर आराम और मुफ्त के भोजन का खूब आनंद लिया | लेकिन जल्दी ही वह इस सबसे ऊब गया। अब वह अपनी आजादी वापस चाहता था।

इसलिए वह वहाँ से भागकर अपने मालिक के पास वापस चला आया बंदर को एहसास हो गया था कि यद्यपि जीविका चलाने के लिए कठिन मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन उससे भी कठिन निष्क्रिय बैठना है।

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