Hindi Panchatantra Stories – पंचतंत्र की सम्पूर्ण कहानियाँ हिंदी में 🙏

Hindi Panchatantra Stories

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हू Hindi Panchatantra Stories |  ये कहानियाँ बहुत रोचक और मज़ेदार है | इन कहानियो से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Hindi Panchatantra Stories

Hindi Panchatantra Stories  – ताकतवर कौन 

Hindi Panchatantra Stories
एक मानव और एक शेर बहुत अच्छे मित्र थे। शेर उस मानव के गाँव के पास स्थित जंगल में ही रहता था। एक दिन उन दोनों ने शहर जाने का निर्णय लिया |फिर वे दोनों शहर की ओर चल पड़े।
रास्ते में वे दोनों अपनी-अपनी प्रशंसा करने लगे। एक कहता ‘मैं ज्यादा ताकतवर हैं ‘, तो दूसरा कहता ‘मैं तुमसे ज्यादा ताकतवर हैं।’

इसी प्रकार वाद विवाद करते-करते वे शहर के मुख्य चौक पर पहुँच गए वहाँ पर उन्होंने एक मूर्ति देखी जिसमें एक मानव शेर पर पैर रखकर खड़ा था। तब मानव ने मूर्ति की तरफ इशारा करते हुए शेर से कहा, ‘‘देखो, मानव शेर से अधिक ताकतवर है ।

तब शेर बोला , ‘‘हाँ, लेकिन तुम ये सिर्फ इसलिए कह सकते हो क्योंकि यह मूर्ति मानव द्वारा निर्मित है। यदि यह मूर्ति किसी शेर द्वारा बनाई गई होती तो स्थिति इसके एकदम उलट होती। फिर कहने को कुछ शेष के नहीं रहता।”

शेर की बातें सुनकर मानव एक शब्द भी नहीं बोल सका।

Hindi Panchatantra Stories – कथनी और करणी 🌺

एक निर्धन व्यक्ति था। उसका दुनिया में कोई नहीं था, अपने जीवन से दुखी होकर वह हमेशा यही कहता, ‘‘हे भगवान! मैं जी कर क्या करुँगा । इससे अच्छा तो मुझे मौत आ जाए। अपनी जीविका चलाने के लिए वह प्रतिदिन जंगल जाकर लकड़ियाँ काटता और गट्टर बनाकर उन्हें बेचता |

 

एक दिन उसकी तबियत कुछ ठीक नहीं थी। उसे बहुत तेज बुखार था। परन्तु वह फिर भी काम पर गया, क्योंकि वह अच्छी तरह जानता था कि उसके लिए कमाकर रोटी का इंतजाम करने वाला
कोई नहीं है।

जब वह लकड़ी का गट्ठर लेकर वापस आ रहा था तो आदत वश वह फिर बोला,‘‘मेरी इच्छा है कि यमराज मुझे उठा लें। ” उसी समय यमराज वहा से गुजर रहे थे। इसलिए उन्होंने उसके सामने प्रकट होकर कहा, ‘‘मैं यमराज हूँ।

यदि कहो तो मैं तुम्हारी इच्छानुसार तुम्हें अपने साथ ले चलू। यमराज की बात सुनकर वह व्यक्ति डर गया और बोला, ‘‘नहीं, नहीं। मैं तो सिर्फ अपनी सहायता करने के लिए कह रहा था।”

यह सुनकर यमराज वहाँ से जाते हुए सोचने लगे, ‘यह व्यक्ति अपनी बात का पक्का नहीं है। इसकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क है।

Hindi Panchatantra Stories – चालाक  गधा 🎆

एक दिन एक शेर अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी के तट पर गया। वहाँ नदी के दूसरे तट एक गधा भी पानी पी रहा था । गधे को देखकर ने उसे अपना भोजन बनाने के लिए एक योजना बनाई।

शेर बोला, ‘प्यारे गधे क्या नदी के उस किनारे कोई घोड़ा भी है? मेरी इच्छा उसका गाना सुनने की है।”
गधे को उसकी नीयत पर तनिक भी संदेह नहीं हुआ। वह बोला,‘‘ श्रीमान्! क्या घोड़ा ही गा सकता है, मैं नहीं?

लीजिए मेरा गाना सुनिए” यह कहकर उसने अपनी आंखें बंद कीं और जोर-जोर से रेंकना शुरू कर
दिया। मौका पाकर शेर ने नदी पार की और गधे को पकड़ लिया।

गधा भी चालाक था। वह बोला,‘‘ श्रीमान् ! मैं आपका भोजन बनने के लिए तैयार हूँ । लेकिन मैंने सुना है कि ताकतवर एवं बलशाली शेर अपना भोजन करने से पहले भगवान की प्रार्थना करते हैं।” शेर अपने को जंगल का सबसे शक्तिशाली जानवर मानता था।

इसलिए उसने प्रार्थना करने के लिए अपनी आँखें बंद कर लीं। अब गधे को भागने का अच्छा मौका मिल गया। वह वहाँ से तेजी से भाग निकला। इस तरह चालाकी में वह गधा शेर पर भारी पड़ा।

 

Hindi Panchatantra Stories -कड़वा सच

जंगल के राजा शेर के जन्मदिन के अवसर पर सभी पशु-पक्षी आमंत्रित थे। शेर की माँद में एक विशाल भोज की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई थीं। सभी पशु-पक्षी सज-धजकर नियत समय पर समारोह में पहुँचे |

समारोह में गधे को छोड़कर सभी पशु-पक्षी आए थे। शेर ने केक काटा और सभी ने जन्मदिन का गीत गाया। उसके बाद सभी ने भोज का आनंद लिया। शेर को गधे के आने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन वह नहीं आया |

तब शेर ने सोचा हो न हो किसी जरूरी कार्य की वजह से गधा नहीं आ पाया होगा।अगले दिन जब शेर गधे से मिला तो उसने गधे से इस विषय में पूछा। गधा बोला, ‘मुझे समारोह आदि में जाने से नफरत है। मुझे घर पर रहकर आराम करना ही अधिक पंसद है। गधे ने शेर से सत्य ही कहा था, जो कि कड़वा था।

गधे की बात सुनकर शेर को बहुत गुस्सा आया और उसने गधे को जंगल से निष्कासित कर दिया। तभी से गधा आदमी के साथ रह रहा है और उसका बोझ उठाने को विवश है।

उसकी यह दशा एक कारण कड़वा सच कहने के कारण हुई | किसी ने ठीक ही कि कहा है सच हमेशा कड़वा होता है।

अन्य लेख

 बेवकूफ कुत्ते -Hindi Panchatantra Stories ⛈

एक गड़रिया था। उसके पास बहुत सारी भेड़ें थीं। उसने भेड़ों की रक्षा के लिए दो ढूंखार कुत्ते पाल रखे थे। वह कुत्ते सावधानीपूर्वक भेड़ों की रखवाली करते थे।

एक रात एक भेड़िया भेड़ों के बाड़े के चारों तरफ चक्कर लगा रहा था। कुत्तो ने उसे देख लिया और उस पर जोर-जोर से भौंकने लगे। यह देखकर भेड़िए ने कुत्तों को भेड़ों से दूर करने की एक योजना बनाई। योजना के मुताबिक वह कुत्तों से दोस्ती करने की कोशिश करने लगा।

भेड़िया बोला, ‘प्रिय मित्रो, क्यों तुम इतनी कठिन जिंदगी व्यतीत कर रहे हो? बाड़े के बाहर आओ और मेरी तरह आजादी का आनंद लो।’ कुत्तों को भेड़िए की बात बड़ी पसंद आई और वे बाड़े से बाहर आ गए। अपनी योजना को सफल होते देख भेड़िया अत्यधिक खुश हुआ।

वह उन्हें अपनी गुफा में लेकर गया। वहाँ पर अन्य भेड़ियों ने उन कुत्तों पर हमला करके उन्हें मार दिया। उसके बाद सभी भेड़िए भेड़ों के खाने के लिए बाड़े में घुस गए।

इस प्रकार, उन बेवकूफ कुत्तों ने अपनी जिंदगी तो गंवाई ही, अपने मालिक का भी भारी नुकसान करवाया।

Hindi Panchatantra Stories – नीता की गुड़िया

नीता एक एक प्यारी सी पर लापरवाह लड़की थी। अपनी लापरवाही के चलते वह अपनी वस्तुएँ खो देती थी। नीता के पिताजी अक्सर उससे कहते‘‘नीता, तुम्हें लापरवाह नहीं होना चाहिए | इतनी लापरवाही अच्छी नहीं होती।

तुम्हें वस्तुओं का मोल समझना चाहिए और उन्हें सावधानीपूर्वक संभालकर रखना चाहिए।  एक दिन नीता के पिताजी उसके लिए सुंदर-सी गुड़िया खरीदकर लाए। उसे अपनी गुड़िया से बृहुत अधिक प्यार था। वह हमेशा उस गुड़िया को अपने पास रखती थी।

कुछ दिनों बाद उसने गुड़िया को एक अलमारी में रख दिया। एक दिन नीता के पिता बोले, ‘नीता बेटा आओ, मैं तुम्हें बाहर घुमाने ले जाता हूँ। वह दौड़कर अपने कमरे में गई और कुछ देर बाद अपनी गुड़िया के साथ लौट आई |

उसके पिताजी बोले, ‘‘तुमने गुड़िया को साथ में क्यों ले लिया? ‘ वह बोली, ‘यदि मैंने अपनी गुड़िया
यहाँ छोडी तो यह खो जाएगी।

लेकिन अगर मैं इसे सभी जगह उनके साथ लेकर जाऊंगी तो मैं इसे कभी नहीं खोऊंगी।” नीता की ना समझी भरी बातें सुनकर उसके पापा हॅसने लगे ।

Hindi Panchatantra Stories – चतुर व्यापारी 👏

एक चोर कुछ दिनों से एक धनी व्यापारी का पीछा कर रहा था। एक दिन वह व्यापारी अपने साथ पैसे एवं कुछ कीमती हीरे लेकर कहीं जा रहा था अचानक बारिश होने लगी। इसलिए वह एक अतिथि गृह में किराए पर एक कमरा लेने के लिए गया।

चोर भी उसके पीछे-पीछे पहुँच गया। अतिथि गह में सिर्फ एक ही कमरा खाली था। इसलिए दोनों को एक ही कमरे में गुजारा करना पड़ा। चोर का दिल तो मानो बल्लियों उछलने लगा। कुछ समय बाद व्यापारी भोजन के लिए बाहर गया।

 

चोर ने अच्छा मौका जानकर उसका पूरा सूटकेस छान मारा, लेकिन उसे न तो कोई हीरा मिला
और न ही पैसा। जब व्यापारी लौटकर आया तो चोर बोला,‘ श्रीमान! मैं एक चोर हूँ। मैंने हीरे चुराने के लिए आपका पूरा सूटकेस छान लिया, लेकिन मुझे कुछ नहीं मिला।’

यह सुनकर व्यापारी ने मुस्कराते हुए कहा‘‘हीरे तुम्हारे सूटकेस में हैं। मैं जानता था, कि तुम वह हीरे अपने सूटकेस के अन्दर कभी नहीं खोजोगे। इसलिए मैंने हीरे तुम्हारे सूटकेस में छिपा दिए थे।

Hindi Panchatantra Stories – भगवान की सलाह 👏

एक गरीब भिखारी था। एक दिन वह गाँव के मुखिया के पास कुछ पैसे माँगने के लिए गया। लेकिन वहाँ जाकर उसे पता चला कि गाँव का मुखिया राजा के पास कुछ अनुदान माँगने गया है। जब भिखारी को यह ज्ञात हुआ तो उसने सोचा कि गाँव के मुखिया से अधिक धनवान तो राजा है।

तभी तो वह गाँव के मुखिया की सहायता करता है। इसलिए उसने तय किया कि वह राजा के पास भीख माँगने जाएगा। रास्ते में उसने एक प्रसिद्ध मंदिर के बाहर भारी भीड़ देखी। उसने इस बारे में लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि राजा भगवान से अपने खजाने के हमेशा भरे रहने की प्रार्थना करने आए हैं।अब भिखारी ने सोचा कि भगवान राजा से अधिक धनवान है।

इसलिए वह भीख माँगने के लिए भगवान के सामने गया। उसकी प्रार्थना सुनकर भगवान बोले’बेटा, तुम्हें भीख माँगना बंद कर देना चाहिए और कठिन परिश्रम कर जीवनयापन करना चाहिए।

भिखारी ने भगवान की सलाह मानते हुए भीख माँगना छोड़कर कठिन परिश्रम से कमाना शुरू कर दिया।

 Hindi Panchatantra Stories – पाँच मूर्ख मित्र  📢

एक बार पाँच पूर्व मित्र एक गाँव जा रहे थे। रास्ते में पड़ने वाली नदी को उन सभी ने तैरकर पार किया। जब वे नदी के दूसरे किनारे पहुंचे तो उनमें से एक मित्र बोला,‘‘दोस्तो, हमें गिनकर देख लेना चाहिए कि हम सभी पूरे तो हैं। कहीं ऐसा न हो कि हम में से कोई नदी में डूब गया हो।

सभी दोस्त उसकी बात से सहमत थे। इसलिए उनमें से चार पंक्तिबद्ध होकर खड़े हो गए और पाँचवे दोस्त ने गिनती शुरू की,”एक, दो, तीन, चार। अरे! हमारा पाचवाँ मित्र कहाँ है? वह गायब है।”
एक अन्य मित्र ने भी उसी तरह गिनती की और एक मित्र को कम पाया। वह चिल्लाकर बोला, ‘‘हमारा पाचवा मित्र नदी में डूब गया!”

 

बसफिर क्या था, वे सभी जोर-जोर से रोने लगे। एक राहगीर वहाँ से गुजर रहा था। जब उसने उनसे उनके दुख का कारण पूछा तो उन्होंने उसे कारण बता दिया तब राहगीर ने उन सबको एक पंक्ति में खड़ा कर पाँचों को गिना और बोला‘देखो, तुम पूरे पाँच हो।’

ये सुनकर वे सभी बड़े खुश हुए। राहगीर, ‘‘तुम सभी गिनती करते हुए अपने को छोड़कर बाकी चारों को गिन रहे थे। इसलिए एक कम हो रहा था।” राहगीर की बात सुनकर उन्हें अपनी मूर्खता का एहसास हुआ।

 Hindi Panchatantra Stories – भगवान बड़ा दयालु है  🌞

एक राजा का बहुत बड़ा फलों का बगीचा था। जिसमें विभिन्न प्रकार के फलों के पेड़ लगे हुए थे। माली रोज विभिन्न पेड़ों के सभी पके हुए फलों को एकत्र कर राजा को भेंट करता था। एक दिन माली ने कुछ चेरियाँ एकत्र कीं और उन्हें राजा के लिए ले गया।

उस दिन राजा का मिजाज बहुत खराब था। उसने एक चेरी को चखा तो उसका स्वाद बहुत खा पाया। अब तो राजा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने गुस्से से वह चेरी माली पर दे मारी। माली को चोट लगी, लेकिन वह बोला,”भगवान बड़ा दयालु है।”

माली के शब्द सुनकर राजा आश्चर्यचकित होकर बोला, “मैंने तुम्हें मारा और तुम कह रह रहे हो भगवान बड़ा दयालु है। क्यों?’ माली बोला, ‘महाराज मैं तरबूज लाने जा रहा था। लेकिन किस्मत से मैंने अपना इरादा बदल लिया |

मैं तो ये कल्पना कर रहा था कि यदि आप तरबूज फेंककर मुझ पर मारते तो मेरा क्या होता। इसलिए मैंने कहा कि भगवान बड़ा दयालु है। राजा उसका बात सुनकर हस पड़ा।

Few Words Of govyojana.in –  मुझे उम्मीद है कि आप हमारे लेख को पसंद करेंगे। यदि आप इस पोस्ट का आनंद लेते हैं, तो मैं बहुत आभारी हूं यदि आप इसे किसी मित्र को ईमेल करके या ट्विटर या फेसबुक पर साझा करके इसे फैलाने में मदद करेंगे। कृपया नवीनतम अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारी साइट पर रेगुलर विजिट जारी रखें। हम इस ब्लॉग पर नई और सत्यापित जानकारी प्रदान कर रहे हैं। यदि आपके पास कोई समस्या है या सुझाव चाहते हैं तो आप हमारे टिप्पणी बॉक्स पर टिप्पणी कर सकते हैं। 

 🙍💐🌼🍁 धन्यवाद! कृप्या दोबारा विजिट करे और साझा करें 🎭🌿🌴💽🙏

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *