Hindi Moral Stories – हिंदी की नैतिक और मनोरंजक कहानियाँ 📕📌

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हू Hindi Moral Stories |  ये कहानियाँ बहुत रोचक और मज़ेदार है | इन कहानियो से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Hindi Moral Stories .

Hindi Moral Stories

अच्छा सबक – Hindi Moral Stories 💅

एक भैंस जंगल में चर रही थी। पहले उसने भरपेट घास खाई। फिर नहर पर जाकर पानी पिया। अब उसे आलस आने लगा। इसलिए वह एक छायादार पेड के नीचे जाकर लेट गई। जल्दी ही उसे नींद आ गई। इधर एक कौआ भी उड़ते-उड़ते थक गया था। वह नीचे उतर आया और मैंस की पीठ पर
बैठकर आराम करने लगा।

कुछ समय बाद भैस उठी तो कौआ उसके सामने आया और बोला, ‘‘आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैंने कुछ समय तक आपकी पीठ पर बैठकर आराम किया। इसलिए मैं आपकी दयालुता के लिए
आपका आभारी हूँ।’ कैंस बोली,‘मुझे धन्यवाद देने की कोई आवश्यकता नहीं है।

मुझे भार महसूस ही नहीं हुआ। मुझे पता ही नहीं लगा कि तुम्हारा तुम कब आए और कब मेरी पीठ पर आराम करने लगेइतनी छोटी सी बात के लिए तुम्हें मेरा आभार प्रकट करने की जरूरत नहीं थी। और वैसे भी हमेशा याद रखना कि हर छोटी-छोटी बात पर कृतज्ञ नहीं हुआ जाता।”

  Hindi Moral Stories – न्याय 🙏

एक बार लोमड़ी और भेड़िए किसी बात को लेकर भयंकर लड़ाई हो गई। लड़ाई अत्यधिक बढ़ जाने के कारण दोनों ने निर्णय लिया कि वे न्याय के हैं लिए न्यायालय में जाएँगे। दोनों ने न्यायालय पहुंचकर बंदर न्यायाधीश के सामने अपना-अपना पक्ष रखा।

कुछ देर तक उन दोनों की बातें सुनने के बाद न्यायाधीश बोला, ‘हर कोई जानता है कि लोमड़ी स्वार्थी एवं चालाक होती है। उसे कभी बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता। इसलिए भेड़िए पर झूठा आरोप लगाने के लिए लोमड़ी को सजा अवश्य मिलेगी।’

यह सुनकर भेड़िया अत्यधिक प्रसन्न हुआ। लेकिन बंदर न्यायाधीश ने अपनी । बात जारी रखते हुए
कहा‘‘परन्तु भेड़िए भी लोमड़ी के मुकाबले कम निर्दयी नहीं होते हैं। वे कभी भी किसी की चाल में नहीं फंसते मुझे पूरा विश्वास है कि भेड़िया भी झूठ बोल रहा इसलिए उसे भी वही सजा मिलेगी,जो लोमड़ी को मिलनी है। ”

इस प्रकार लोमड़ी एवं भेड़िए दोनों को अपनी कुख्याति के कारण सजा भुगतनी पड़ी।

Hindi Moral Stories  -सच बोलने का तरीका

एक धनी व्यापारी  को हृदय रोग था डॉक्टर उसके परिवारजनों हिदायत दी थी कि व्यापारी को कोई भी सदमा नहीं पहुँचना चाहिए | एक व्यापारी किसी कार्यवश दूसरे शहर गया हुआ था।

तभी उसका नौकर वहाँ  आकर बोला,‘’मालिक ! मै यहा यह बताने आया हूं कि आपका कुत्ता मर गया है।” व्यापारी ने चौंकते हुए कहा, वह कैसे मर गया?

उसने घोड़े का बहुत सारा माँस खा लिया था। जवाब मिला। क्या मतलब है तुम्हारा? क्या मेरा घोड़ा भी मर गया? नौकर बोला, ‘‘मालिक आपके अस्तबल के सभी घोड़े भूख के कारण मर गए| ‘‘क्या! नौकरों ने उन्हें भोजन नहीं दिया?” मालिक ने पूछा। ”वे घोड़ों को भोजन कैसे देते, वे तो स्वयं ही भूखे थे,’नौकर ने बताया। ‘‘क्यों? क्या मेरी पत्नी ने उन्हें उनकी मजदूरी नहीं दी?” मालिक ने पूछा।
‘‘वे भोजन के बिना कैसे जिंदा रहतीं?”नौकर ने जवाब दिया।

‘क्या तुम्हारे कहने का यह अर्थ है कि मेरी पत्नी भी मर गई?” मालिक ने विस्मय पूछा | उसने बताया, ‘‘मालिक, पिछली रात घर में आग लग गई थी  और उसमें सब कुछ जलकर समाप्त हो गया।”

इस प्रकार नौकर ने अपने मालिक को सदमा दिए बगैर सब सच बता दिया।

Hindi Moral Stories – ब्राह्मण का उपाय 💺

एक ब्राह्मण था। उसके पास बहुत सारी उपजाऊ भूमि थी। लेकिन अपने आलस्य के कारण वह उसमें कभी भी कुछ नहीं बोता था। एक बार एक साधु ब्राह्मण के घर आया। ब्राह्मण ने उसकी अच्छी सेवा की।खुश होकर साधु ने ब्राह्मण को एक जादुई चिराग दिया।

साधु के जाने के बाद ब्राह्मण ने जादुई चिराग को रगड़ा। उसमें से एक जिन्न प्रकट होकर बोला, ‘आप मेरे मालिक हैं और मैं आपका नौकर। आप मुझे कोई कार्य बताओ, वरना मैं सबको मारकर खा जाऊंगा। ” ब्राह्मण ने उसे तुरंत खेतों पर काम करने का आदेश दिया।

वह जल्दी ही कार्य समाप्त कर वापस आ गया। ब्राह्मण ने उसे कई अन्य कार्य करने को दिए। परन्तु वह जल्दी ही उन्हें समाप्त कर फिर उसके सामने आ खड़ा होता। ब्राह्मण डर गया कि काम न होने की दशा में ये मुझे ही मारकर खा जाएगा।

इसलिए उसने तुरंत एक उपाय सोचा और जिन्न को कुत्ते की पूँछ सीधी करने का कार्य सौंप दिया। जिन्न ने कुत्ते की पूँछ सीधी करने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह पूंछ को सीधी नहीं कर पाया। अन्तत: वह इस कार्य से ऊब गया और से भाग खड़ा हुआ। जिन्न के वहा चले जाने से ब्राह्मण ने भी चैन की साँस ली।

सोने की मूर्ति – Hindi Moral Stories 🈺

एक बार एक धनी व्यक्ति अपने व्यवसाय के विस्तार के लिए एक दूसरे शहर पहुंचाउस शहर में नए व्यवसाय की तलाश में इधर-उधर घूमते-घूमते वह शहर की उस सीमा तक पहुँच गया जहाँ शहर की सीमा समाप्त होती थी।

वहाँ थोड़ा और आगे जाने पर उसने प्राचीन मंदिरों के कुछ खंडहर देखे। उसने देखा कि खंडहरों के अंदर से कुछ चमक रहा है। उसने देखा कि वह चमकने वाली वस्तु शेर की सोने से बनी प्रतिमा है।
वह सोचने लगा, मैं बहुत भाग्यशाली हूं। इस प्रतिमा को ले जाकर अब मैं और अधिक धनी हो जाऊँगा”

फिर वह सोचने लगा, “लेकिन मैं इस प्रतिमा का क्या कहेगा? शेर का चेहरा तो मुझे रात को डराएगा। फिर भी मुझे अपने नौकरों की मदद से इसे ले जाना चाहिए। मैं इसे एक सुरक्षित दूरी से देख लिया करूंगा।” यह सोचकर वह वहाँ से चला गया। वह वास्तव में नहीं जानता था कि दौलत का
उचित सदुपयोग कैसे किया जाता है।

Hindi Moral Stories – फस गया हाथ

राहुल एक अच्छा लड़का था। बस उसे एक ही बुरी आदत थी। वह मीठा बहुत खाता था। मिठाई एवं चॉकलेट उसे बहुत पसंद थे। उसकी माँ उसे हमेशा कहती, ‘‘राहुल, इतना अधिक मीठा मत खाया करो तुम्हारे दाँत खराब हो जाएँगे।’’

इसी कारण माँ ने सभी चॉकलेट-टॉफियों को एक जार में छिपाकर रख दिया, ताकि राहुल अधिक मीठा न खाने पाए। उस जार का मुंह सँकरा था और वह मजबूती से बंद था।

एक दिन राहुल की माँ बाजार गई हुई थी। मौका देखकर राहुल रसोई में गया और उसने उस जार को उठा लिया। बहुत प्रयास करने के बाद उसने जार का ढक्कन खोला और जार के संकरे मुंह में हाथ डाल दिया। फिर उसने मुट्ठी में टॉफी-चॉकलेट भर लिए और हाथ बाहर निकालने लगा। लेकिन हाथ ! उसमें फंस गया। वह अपना हाथ बाहर निकालने की कोशिश कर ही रहा था। कि उसकी माँ वापस आ गई उसकी हालत देखकर बोली, राहुल, तुमने अपने हाथ में बहुत सारे टॉफी-चॉकलेट लिए हुए हैं।

बस एक चॉकलेट लो। और बाकी को वहीं जार में वापस रखो। तभी तुम अपने हाथ को बाहर निकाल पाओगे’ राहुल ने वैसा ही किया। इसके बाद उसने अपना हाथ सरलता से बाहर निकाल लिया। उसे अपनी गलती समझ आ गई थी।

Hindi Moral Stories – दोषारोपण से पहले 💨

एक दिन एक व्यक्ति समुद्र किनारे टहल रहा था। अचानक उसने देखा कि यात्रियों से भरा एक जहाज चट्टान से टकराकर डूब गया और उसमें मौजूद सभी यात्री भी डूब गएवह आदमी समुद्र तट से सब कुछ एक असहाय की भाँति देखता रहा। वह उन्हें बचाने में असमर्थ था। शाम के समय उसने अपने दोस्तों को जहाज के डूबने की पूरी घटना कह सुनाई।

वे सभी उन मृत लोगों के लिए दुखी थे। उनमें से एक दोस्त बोला भगवान ने ये बड़ा अन्याय कियाउसने एक जहाज के साथ अनेक निर्दोष लोगों को भी मार दिया” यह कहते समय उसे अपने पैर में कुछ चुभन सी महसूस हुई।

उसने नीचे देखा कि लाल चींटियाँ उसके पैर पर काट रही हैं।उसके आसपास काफी सारी अन्य चींटियाँ भी थीं। गुस्से में उसने अपने पैर को पटकना शुरू कर दियाजिस वजह से कई सारी चींटियाँ उसके पैर के नीचे दबकर मर गई है ।

अचानक भगवान प्रकट हुए और बोले‘‘देखोकिस प्रकार तुमने एक चींटी के लिए कई निर्दोष चींटियों की हत्या कर दी है और तुम मुझे अन्याय के लिए दोष दे रहे हो। दूसरों को दोष देने से पहले अपने दोष देखो’ ‘ यह सुनकर उस व्यक्ति को अपनी गलती का अहसास हो गया।

नकलची लोमड़ी -Hindi Moral Stories ✨

किसी जंगल में एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन वह जंगल में घूम रही थी। अचानक उसे एक मोटा और लम्बा साँप पेड़ों के नीचे लेटा दिखाई दिया | उसका शरीर सामान्य से बहुत लम्बा था। वह रास्ते के एक कोने से दूसरे कोने तक फैला हुआ था।

साँप के शरीर की लम्बाई देखकर लोमड़ी अत्यधिक प्रभावित हुई। उसने सोचा, ‘यह तो बहुत लम्बा साँप है। काश! मैं भी इसी की तरह लम्बी होती। मुझे जमीन पर लेटकर अपने शरीर को खींचना
चाहिए ,हो न हो, इस तरह मैं अवश्य ही साँप की तरह लंबी हो जाऊँगी।’

ये सोचकर लोमड़ी ऐसी ही कोशिश करने लगी। वह रास्ते में साँप के बराबर में ही लेटकर अपने शरीर को जबरदस्ती खींचने की कोशिश करने लगी। उसने बहुत कोशिश की, लेकिन उसका शरीर खिंचकर लंबा नहीं हुआ। हाँ उसके पूरे शरीर में दर्द जरूर होने लगा।

परन्तु वह तो किसी भी तरह खुद को साँप जैसा लम्बा कर लेना चाहती थी। अन्तत: उसने अपने शरीर को पूरी ताकत से फिर खींचा। परिणामत उसका पेट फट गया और उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

बेचारी लोमड़ी नहीं जानती थी कि दूसरों के साथ अनावश्यक तुलना नहीं करनी चाहिए

अन्य लेख

Hindi Moral Stories – शरारती चूहा 📯

एक शरारती चूहा था। एक दिन उसने एक बैल को पेड़ के नीचे सोते हुए देखा बैल अत्यधिक विशालकाय था और उसके सींग भी अत्यधिक नुकीले थे। साँस लेते समय उसके चौड़े नथुने खुलते और बंद होते। चूहा शरारती तो था ही। जब उसने बैल के बार-बार बंद होकर खुलते नथुनों को देखा तो पास जाकर नथुनों को बंद कर दिया। बैल गुस्से से उठा।

वह जैसे ही उठा, चूहा वहाँ से भाग गया। बैल ने उसे भागते हुए देख लिया और वह उसका पीछा करने लगा। वह चूहे को सजा देना चाहता था। छोटा चूहा तेजी से भागा और एक दीवार के अंदर बने एक छेद में घुस गया। बैल खुद को नहीं रोक पाया और उसने चूहे को मारने के लिए अपना सिर दीवार पर दे मारा फलस्वरूप वह खुद ही बुरी तरह जख्मी हो गया।

उसके सिर से खून भी बहने लगा। अब बैल समझ गया था कि दुश्मन भले ही कितना भी छोटा हो, उसे जीतने के लिए ताकत के साथ-साथ बुद्धि की भी जरूरत होती है। फिर भी कोई जरूरी नहीं कि वह काबू में आ ही जाएगा।

  Hindi Moral Stories – पादरी ओर नाविक 📌

एक पादरी था। लोग उससे दुखी थे क्योंकि वह वक्त-बेवक्त सबको धर्म के नाम पर नसीहतें देता रहता था। वह लोगों से कहता,‘‘यदि तुम धर्म के बारे में कुछ भी नहीं जानते हो तो तुम्हारी जिंदगी व्यर्थ है।”

एक दिन पादरी को नदी पार करके दूसरे गाँव जाना था। उसने एक नाव वाले से नदी पार कराने को कहा और उसकी नाव में बैठ गया। आधी दूरी पार करके नाविक ने उससे मूल्य चुकाने को कहा।
पादरी बोला, ‘‘मैं तुम्हें तुच्छ पैसों के बजाए कीमती ज्ञान ढूंगा’यह कहकर पादरी उसे ज्ञान-ध्यान के उपदेश देने लगा, नाविक उसकी बातें सुन-सुनकर ऊब गया और उसने उसे सबक सिखाने की ठानी।

वह नाव को बीच नदी में ले गया और नाव को हिलाने लगा, जिससे पादरी नदी में गिर गया और डूबने
लगा। तब उसे देखकर नाविक बोला,‘‘अरे! तुम तो एक धार्मिक व्यक्ति हो। क्या तुम्हारी धार्मिकता तुम्हें नहीं बचा पाएगी?”

पुरोहित सहायता के लिए चिल्लाने लगा। तब दयालु नाविक ने पुरोहित को बाहर निकाला और बोला,
‘प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्य का ज्ञाता होता है। तुम्हें धर्म का ज्ञान है तो हमें अपने कार्य का “|

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