Hindi Essay On Republic Day -गणतंत्र दिवस पर हिंदी में निबंध 🇮🇳

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हूँ  Hindi Essay On Republic Day |  हमारा ये लेख बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्दक है |  इन प्रस्ताव से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Hindi Essay On Republic Day . हमारे ये प्रस्ताव आपके स्कूल के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है |

Hindi Essay On Republic Day – गणतंत्र दिवस  

26 जनवरी 1929 को रावी नदी के तट पर, लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू के सभापतित्व में पूर्ण स्वतंत्रता (स्वाधीनता) का प्रस्ताव पास हुआ। उसी दिन भारतवासियों ने प्रतिज्ञा की कि हम शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करेंगे। अत: उसी दिन से प्रतिवर्ष 26 जनवरी हमारे लिए राष्ट्रीय पर्व का रूप धारण कर चुकी थी । प्रतिवर्ष इस दिन प्रभात फेरियाँ निकाली जातीं, झंडे का अभिवादन होता और राष्ट्रीय गीत गाए जाते।

hindi essay on republic day

गणतंत्र दिवस एक राष्ट्रीय पर्व – Hindi Essay On Republic Day 🇮🇳

स्वाधीनता के उपरांत 26 जनवरी 1950 को नया संविधान हुआ और भारत प्रभुसत्ता संपन्न जनतंत्रात्मक
लागू पूर्ण गणराज्य’ बना। संयोग की बात है कि बीस वर्ष पूर्व जिनकी अध्यक्षता में स्वाधीनता का प्रस्ताव पारित हुआ था, वे नेहरू ही हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री बने। गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है। सभी नागरिक इसे उत्साह से मनाते हैं । शासन की ओर से इसकी तैयारियाँ महीनों पहले से आरंभ हो जाती हैं।

26 जनवरी को देश के कोने-कोने में उल्लास और हर्ष छा जाता है। सभी स्थानों पर प्रभातफेरियां निकाली जाती हैं। सरकारी तथा गैरसरकारी संस्थानों पर राष्ट्रध्वज फहराया जाता है। लोग ध्वज का अभिवादन करते हैं और राष्ट्रीय गीत गाते हैं। इसके उपरांत सड़कों पर परेड होती है।

गणतंत्र दिवस की झाकियाँ -Hindi Essay On Republic Day 🏟

पुलिस तथा सेना के जवान परेड करते हुए निकलते हैं। इसके पश्चात् कुछ मनोरंजक सांस्कृतिक झाँकियाँ निकाली जाती है। स्कूलोंकॉलेजों के छात्र-छात्राएँ भी इसमें शामिल होते हैं। बैंडबाजों की धुनों से आकाश गूंज उठता है। राष्ट्रध्वज फहराया जाता है।

अन्य लेख

प्रदेशों की राजधानियों में राज्यपालों द्वारा झंडा फहराया जाता है तथा स्वाधीनता की रक्षा
की प्रतिज्ञा को दोहराया जाता है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। सुबह अँधेरे से ही हजारों लोग राजपथ पर आ जाते हैं ।

राष्ट्रपति महोदय प्राय: आठ बजे अपनी कार पर बैठकर विजय चौक पधारते और झंडा फहराते हैं। फिर उन्हें तोपों की सलामी दी जाती है। वे विजय चौक के समीप बनाए गए विशेष मंच पर पधारते हैं। सबसे पहले जलथल और वायु सेनाओं के जवान मार्च करते हुए आगे बढ़ते हैं। वे राष्ट्रपति को सलामी देते हैं।सेनाओं के बैंड जनता का मन मोह लेते हैं।

गणतंत्र दिवस की परेड -Hindi Essay On Republic Day 💺

विभिन्न सेनाओं की टुकड़ियाँ टैंकों तोपों आदि का प्रदर्शन करती हुई जब आगे बढ़ती हैं तो उनके पीछे भारत केविभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक झाँकियाँ एक-एक करके आती हैं, जिनसे जनता का न केवल
मनोरंजन होता है, बल्कि ज्ञान-संवर्धन भी होता है।

मणिपुरी,कत्थकली, भरतनाट्यम्गरबा और भंगड़ा आदि विविध भारतीय नृत्य दर्शकों में हर्ष तथा उल्लास का संचार करते हैं, जो भारत की विविधता में एकता को दर्शाते हैं।इसके उपरांत स्कूली बच्चों के अनेक दल देशभक्ति के गीत गाते, नाचते राष्ट्रपति महोदय के सामने से गुजरते हैं।

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर भारत के नागरिक देश के पवित्र संविधान की मर्यादा की रक्षा करने का प्रण करते हैं।

Few Words Of govyojana.in   मुझे उम्मीद है कि आप हमारे लेख को पसंद करेंगे। यदि आप इस पोस्ट का आनंद लेते हैं, तो मैं बहुत आभारी हूं यदि आप इसे किसी मित्र को ईमेल करके या ट्विटर या फेसबुक पर साझा करके इसे फैलाने में मदद करेंगे। कृपया नवीनतम अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारी साइट पर रेगुलर विजिट जारी रखें। हम इस ब्लॉग पर नई और सत्यापित जानकारी प्रदान कर रहे हैं। 📢यदि आपके पास कोई समस्या है या सुझाव चाहते हैं तो आप हमारे टिप्पणी बॉक्स पर टिप्पणी कर सकते हैं। 

 🙍💐🌼🍁 धन्यवाद! कृप्या दोबारा विजिट करे और साझा करें 🎭🌿🌴💽🙏

 

Post Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *