Hindi Essay On Pollution – प्रदूषण की समस्या पर हिंदी में निबंध 🌄

प्रिय दोस्तों मै  आज आपके लिए लेकर आया हूँ  Hindi Essay On Pollution |  हमारा ये लेख बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्दक है |  इन प्रस्ताव से हमें जीवन की नैतिक शिक्षा का ज्ञान होता है | आईये शुरू करते है Hindi Essay On Pollution . हमारे ये प्रस्ताव आपके स्कूल के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है |

Hindi Essay On Pollution

Hindi Essay On Pollution -प्रदूषण की समस्या  🌄

‘प्रदूषण’ संस्कृत भाषा का शब्द है। इसमें मुख्य शब्द है ‘दूषण, जिसका अर्थ है दोप ‘प्र ‘ उपसर्ग लगने पर इसका अर्थ हो जाता है वातावरण को गंदा या दूषित करने वाला तत्व आज हमारा वातावरण दिन-प्रतिदिन गंदा होता जा रहा है। इसी संदर्भ में ‘प्रदूषण’ शब्द चलन बढ़ गया है।

आज प्राय: सभी देश प्रदूषण की समस्या से ग्रसित हैं। जनसंख्या में बढ़ोतरी वनों की अंधाधुंध कटाई, उद्योगधंधों का विकास आदि अनेक कारणों से प्रदूषण की समस्या निरंत बढ़ती जा रही है।

Hindi Essay On Pollution – प्रदूषण के कारण  🎑

कारखानों की चिमनियों से निकलता धुआं वायु को दूषित करता है। वाहनों से निकल धुआं भी इसी वर्ग में आता है। इन्हीं कारणों से हमें शुद्ध वायु भी नहीं मिल पाती। जितने भी औद्योगिक नगर हैं उन सभी में वायु प्रदूषण की भयंकर समस्या है। उद्योग-धंधों से धुएँ के अलावा कभी-कभी जहरीली गैसें भी निकलती हैं। ये गैसें मनुष्य के शरीर में पहुँचकर उसे नुकसान पहुँचाती हैं।2 दिसंबर, 1984 की रात में भोपाल स्थित यूनियन कारबाइड से ऐसी ही जहरीली गैस रिसने से हजारों लोग मर गए थे तथा लाखों आज भी उस गैस के दुष्प्रभाव को झेल रहे हैं।

प्रदूषण के नुकसान –Hindi Essay On Pollution 🌁

उद्योग-धंधों से निकलनेवाले गंदे पानी, रसायन आदि के मिलने से नदियों, तालाबों आदि का पानी गंदा हो जाता है । बड़ेबड़े शहरों में नालियों/सीवरों का पानी नदियों में डाला जाता है। इससे नदियों का पानी तो गंदा होता ही है, उनमें कीचड़ भी जमने लगता है। इससे पानी का बहाव कम होता है। नदियों, झीलों, तालाबों आदि में नहानेकपड़े धोने और शवदाह की राख बहाने से भी पानी में गंदगी बढ़ती है। गंदा या प्रदूषित पानी पीने से टाइफाइड, हैजा, पेचिश आदि रोग हो जाते हैं।

जल और वायु के समान ध्वनि प्रदूषण भी हानिकारक होता है, क्योंकि मनुष्य सामान्य रूप से 70 डेसीबल तक ध्वनि सुन सकता है। इससे अधिक तेज ध्वनि कानों में पड़ने पर उसके
दुष्प्रभाव पड़ने लगते हैं। उद्योग-धंधों की अधिकांश मशीनें तेज ध्वनि करती हैं। ऐसे वातावरण में काम करने वाले मजदूर बहरेपन के शिकार हो जाते हैं। साथ ही उनमें तनाव, उच्च रक्तचाप तथा हदय रोग आदि का खतरा बढ़ जाता है ।

Hindi Essay On Pollution – प्रदूषण का बढ़ावा 🚢

वनों की अंधाधुंध कटाई से एक ओर वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन का अनुपात बिगड़ रहा है, जिससे मौसम प्रभावित होता है, दूसरी ओर भूमि में कटाव बढ़ रहा है। बमअणु बम आदि के विविध परीक्षणों से वातावरण में रेडियोधर्मी प्रदूषण बढ़ रहा है।

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कहने का मतलब है कि देश में प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। भारत विश्व का चौथा प्रदूषित देश है। इसमें भी दिल्ली और कलकत्ता अपेक्षाकृत अधिक प्रदूषित नगर हैं। अगर प्रदूषण बढ़ने की यही दशा रही तो वह दिन दूर नहीं जब साँस लेने के लिए स्वच्छ वायु मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।

Hindi Essay On Pollution – प्रदूषण के उपाय 🛤🌄

अत: जरूरी है कि बढ़ते प्रदूषण को यथाशीघ्र रोका जाए। इसके लिए निम्नांकित उपाय
किए जा सकते हैं –

1. उद्योग-धंधों को आबादीवाले क्षेत्र से दूर केंद्रित किया जाए।
2. उद्योग-धंधों की मशीनों में साइलेंसर का इस्तेमाल किया जाए।
3. कारखानों की चिमनियों की ऊंचाई बढ़ाई जाए।
4, नदी-तालाबों में स्नान तथा कपड़े आदि धोने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
5. अधिक-से-अधिक वृक्ष लगाए जाएँ।
6. जनसंख्या पर नियंत्रण रखा जाए।

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